NEET Exams Syllabus And Pattern / What is NEET Exam Syllabus

Neet With Full information

आज हम आपके लिए पूरी जानकारी लेकर आया नेट के बारे में जी हां हम सभी आगे बढ़ना चाहते हैं। और इसके लिए हम अपने पसंदीदा फील को चुनते हैं। ताकि अपनी पसंद का कैरियर बना सकें इसके लिए हमें जमकर पढ़ाई करनी भी होती है ताकि हमारे अच्छी परफॉर्मेंस हमारे अचीवमेंट हाई हो सके इस प्रोसेस पर कोई डॉक्टर बनना चाहता है। कोई इंजीनियर कोई राइटर बनना चाहता है की कोई डिजाइनर इस तरह से हर फील के लिए अलग-अलग टोंस कंडीशन लागू होती है। जिन्हें पूरा करने के बाद ही हमें हमारा मनपसंद करियर ऑप्शन मिल पाता है। आप में से बहुत से डॉक्टर बनना चाहते हो गे तो उसके लिए कौन सा प्रोसेस फॉलो किया जाता है।

NEET का एग्जाम आपको डॉक्टर कैसे बना सकता है।

चलो शुरू करते हैं। सबसे पहले जानते हैं नेट किया है। नेट की फुल फॉर्म होती है। नेशनल एलिजिबिलिटी काम एंट्रेंस टेस्ट यह भारत में मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी कोर्सेज एमबीबीएस बीडीएस से एडमिशन लेने के लिए एक क्वालिफिकेशन एग्जाम इस एग्जाम को क्लियर कर लेने वाले स्टूडेंट को इन कोर्स में एडमिशन मिल जाता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी कि (NTA) नीट एग्जाम व्हो कंडक्ट करती है। और नीट एग्जाम दो लेवल पर होता है। यूजी और पीजी नीट यूजी लेवल पर एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल कोर्सके लिए enterest टेस्ट होता है। जबकि neet पीजी लेवल में एम एस और एम डी जैसे मेडिकल कोर्सेज मैं एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट होता है। यह एक्जाम हर साल देश के लगभग 479 यानी कि 479 मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए आयोजित किया जाता है। अब यह जानना जरूरी है। कि नेट की जरूरत क्यों पड़ी इससे पहले भी मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट हुआ करते थे तो उसका जवाब ही है। कि नेट नेट से पहले भारत में मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए अलग-अलग लाइन मैं 90 एग्जाम हुआ करते थे इनमें से AIPMT… CBSE (Central Board of Secondary education) द्वारा करवाए जाता था। और हर स्टेट भी अलग-अलग मेडिकल के एंट्रेंस टेस्ट करवा चौथ का तो इस सिचुएशन में हर स्टूडेंट को लगभग 7 से 8 entrance एग्जाम देने पड़ते थे जिससे ना केवल बहुत परिसर में रहते परफॉर्मेंस करना होता था। बल्कि हर एग्जाम के साथ एप्लीकेशन फीस और एंट्रेंस टेस्ट में अपीयर होने के लिए बहुत सारा खर्चा हुआ करता था तो इसे एपी नेशनल बॉर्डर को हटाने के लिए और टाइम एफर्ट वेस्ट होने से रोकने के लिए नीट एग्जाम लाया गया अलग-अलग एग्जाम को क्लियर करने के लिए अलग-अलग सिलेबस है को पूरा करने जैसे कि स्ट्रेस को भी नेट एग्जाम से दूर कर दिया है। क्योंकि अब मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए सिर्फ एक एग्जाम कि नेट को क्लियर करने की जरूरत है। तो इस तरीके से NEET ने AIPT और टेस्ट लेवल CET जैसे दिल्ली- PMT, MHCET,R-PMT, WBJEE, EAMCET को रिप्लेस कर दिया है। और यह काफी अच्छी बात है। आगे नेट से जुड़ी कुछ इंपॉर्टेंट बातों कि हम बात करें तो NEET (UG) 2019 may 2019 को हुआ और 5 जून 2019 को इसका रिजल्ट डिक्लेअर कर दिया गया यह एक सिंगल स्टेज एग्जाम है और यह ऑफलाइन होता है। आने वाले सालों में यह एक्जाम ऑफलाइन होगा क्या ऑनलाइन यह अभी तय नहीं है। कि यह भी पॉसिबिलिटीज है कि आगे होने वाले NEET Exam साल में एक बार होने की बजाय दो बार हो|

इस एग्जाम की ड्यूरेटर्न 3 घंटे होती है: इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चंस होते हैं। और नेगेटिव मार्केटिंग भी होती है। एग्जाम में बैठने के 12th मैं फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी एंड बायो – टेक्नोलॉजी सब्जेक्ट होने चाहिए और इस एग्जाम में फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी (Botany, Zoology) सब्जेक्ट के क्वेश्चन शामिल होते हैं। NEET मैं एपीआर होने के लिए मैथ्स होना जरूरी नहीं होता है। एग्जाम को देने के लिए कैंट कैंडिडेट की उम्र कम से कम 17 साल होने चाहिए जबकि इस एग्जाम के लिए कोई अप्पर एज लिमिट नहीं है। इस एग्जाम में अपीयर होने के लिए Unreserved Category के कैंडिडेट्स को क्लास 12वीं में फिजिक्स केमिस्ट्री और बायो लॉजी बायोलॉजी सब्जेक्ट में मिनिमम 50 परसेंट मार्ग लाना जरूरी होता है। जबकि OBC and ST कैंडिडेट के लिए यह 40 परसेंट है। इस एग्जाम को को क्लियर करने के लिए कैंडिडेट कितना भी अटेम्प्ट ले सकता है। कैंडिडेट का इंडियन होना जरूरी है। नीट एग्जाम से जुड़ी इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन लेने के बाद प्रोफेशन से जुड़े जरूरी बातें करना भी बनता है सबसे पहले आप अपने करियर से जुड़ा यह सबसे इंर्पोटेंट डिसीजन सोच समझ कर लीजिए कि वाकई में आप अपने आपको डॉक्टर के तौर पर देखना चाहते हैं। तो अगर जवाब यस है। तो पूरी तरीके से हां पूरी तरीके से अपने आप को इस एग्जाम को तैयार करने मैं जुट जाइए क्योंकि अपने सपने को हकीकत बनाने कदम सिर्फ आप में ही है। इसीलिए अपना पूरा फोकस इस एग्जाम को करेक्ट करने में लगाइए इसके लिए 12वीं का एग्जाम दी अच्छे से क्लियर करना चाहिए और जोर कीजिएगा आपका स्कूल एजुकेशन ऑल पर जितनी पकड़ होगी उतना ही आसान आपके लिए इस एग्जाम को करेक्ट करना होगा। इसीलिए फिजिक्स केमेस्ट्री और बायोलॉजी के बेसिक को क्लियर करते हुए आपको आगे बढ़ना होगा टाइम मैनेज करना सीखे ताकि इस एग्जाम को करैक्टर कर ले और अपने सपनों को रियल करने के रियल प्रोसेस में आपको टाइम कमी ना महसूस हो अगर आप है। पहले पहले भी NEET पढ़ चुके हैं नेक्स्ट 80 की तैयारी में जुटे हैं। तो याद रखिए लास्ट एग्जाम में होने वाली मिस्टेक है। Analieses जरूर कीजिए कि अगर आपने गलत किया क्यों किया किस रीजन से किया ताकि अगले टाइम में फिर वही मिस्टेक रिपीट ना करें जिनकी वजह से आप एग्जाम को करेक्ट नहीं कर पाए थे NEET क्लियर करने के लिए अपने रीजन को क्लियर रखिए अथॉरिटी बुक्स की हेल्प लीजिए और प्रैक्टिस करते रहिए और अपनी हेल्थ का भी ख्याल रखें ताकि आप अच्छे सही फॉर्म कर सके कम से कम 6 से 7 घंटे की नींद जरूर लीजिए क्योंकि बिना अच्छी और पूरी नींद के आप किसी भी टॉपिक को अच्छे से समझ नहीं सकते हैं। इसका Negative Type आपकी बॉडी और माइंड पड़ेगा ताकि और खुद को एक कमरे में बंद करके दिन रात पढ़ते रहने की वजह सही टाइम टेबल बनाएं और अपना पूरा फोकस इस एग्जाम को करेक्ट है। करने पर लगा दीजिए इसके लिए आप एक नॉर्मल रूटीन फॉलो करने जरूरत होगी ना कि isthare और परिसर से भरी रूटीन की इसीलिए हेल्दी माइंड और बॉडी के साथ आप जुट जाइए नेक्स्ट वीक एक्जाम के लिए सही गार्जियंस के साथ सही डायरेक्शन करते हुए इसलिए एग्जाम को करेक्ट कीजिए।

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