MD Course Syllabus And Pattern / What is MD Course Syllabus

MD Course With Full Information

So friends today we are going to tell you MD course के बारे में तो अगर you know about it चाहते हैं। और a little about it
बहुत सुना है तो देर किस बात की है। आज पूरी Information हम MD Course के बारे में देंगे चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले जानते हैं।

What is MD Course

MD की Full Form होती है। Doctor of Medicine और यह एक Post Graduate Special Light Course  होता है। और जिस से MBBS Complete करने के बाद ही किया जा सकता है इस Post Graduate Course में Student कोएनाटॉमी और रेडियोथैरेपी और General Medicine जैसे सब्जेक्ट किए डीप नॉलेज दी जाती है। ताकि डॉक्टर के तौर पर बीमारी को आसानी से पहचाना जा सके और उसका सही इलाज किया जा सके इस कोर्स की डेकोरेशन 3 साल की होती है। और यह कोर्स 6 सेमेस्टर का होता है। जिसमें There are 2 semesters in 1 year.

इस कोर्स में लेक्चर और प्रैक्टिकल वर्क के द्वारा सेमिनार और रिसर्च और Thesis Work और ओरल एग्जामिनेशन और ग्रुप डिस्कशन शामिल होते हैं। तो इस तरह डीप नॉलेज लेने के बाद एमबीए स्टूडेंट हॉस्पिटल सीनियर रजिस्ट्रेशन के तौर पर काम करते हैं। इस दौरान स्टूडेंट प्रैक्टिकल वर्क से सीखते हैं। सीके हुए को अप्लाई भी करते हैं। तो जब यह जान लिया है। कि एमडी क्या होता है तो इसके बाद में अब बारी आती है |

What are the eligibility criteria to become MD?

एमबीए Specialize Course होता है जो MBBS करने के बाद किया जा सकता है इस Course में Admission लेने के लिए Cadinate को Natural Level Entrance Test यानी कि Neet-pg को Clear करना जरूरी होता है। जबकि कोई Famous है मेडिकल Colleges जैसे कि AIIM or JIPMER अपना अलग है। Entrance Test होता है। उसके बाद मैरिड के बेस पर एग्जाम लिया जाता है। वैसे कोई जी कॉलेज ऐडमिशन से पहले इंटरव्यू भी लिया करते हैं। और आगे एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इसके बारे में हमने जान ही लिया है। तो आप जानते हैं कि एमटी स्पेशलाइजेशन के बारे में एमडी इन कार्डियोलॉजी इन एंडोक्राइनोलॉजि एमडी इन क्लिनिकल फार्मोकोलॉजी एमडी इन क्लिनिकल हेमेटोलॉजी और एमडी इन मेडिकल ऑंकोलॉजी और एमडी इन डर्मेटोलॉजी और MD इन Gastroenterology और MD इन Naurology MD in Neontology, MD in Neuroradiology, MD इन पलमोनरी Medicine और MD in Medical Gastroentrology तो अब जानते हैं की Indian की कुछ बेहतरीन MD College के बारे में कस्तूरबा Medical College Mangalore and Christian Medical College Vellore और St. John’s Medical College Bangalore , कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल एमएससी रामायण कॉलेज बेंगलुरु और ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, न्यू दिल्ली, हमदर्द इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, न्यू दिल्ली, ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई, जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) तो इन कॉलेज के साथ है। अब आगे आपको बताते हैं। एमडी कोर्स करने के लिए स्टंट को क्या-क्या स्टील से फोन ही जरूरी ।है तो इन कॉलेज के बारे में जानने के बाद अब बात करते हैं।

एमडी कोर्स करने के लिए स्टूडेंट मैं क्या-क्या स्किल्स होनी जरूरी है।

एमडी बनने के लिए जरूरी है कि स्टूडेंटमेडिकल इन्नोवेशंस टेक्नोलॉजीऔर इंप्रूवमेंट्स प्रति अवेयरटुडे ट्रेनताकि वे बेहतर से बेहतरइलाज कर सके स्टूडेंट के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी होनी चाहिए क्योंकि इस कोर्स को करने के बाद वह बहुत तरह के लोगों पेशेंट को हैंडल करना होता है। इस पोजीशनपर बने रहने के लिए फिजिकलइन स्टैमिना ज्यादा होना चाहिए ताकि लंबे टाइम तक मरीजों का इलाज किया जा सके बल्कि पेशेंट्स और पोलाइट टीचर भी होना जरूरी है। ऐसा होने पर पेशन से डील करना बहुत आसान हो जाता है। और खुद को ज्यादा थकान और मेंटल कॉशन भी नहीं होता अब सवाल यह है।

MD करने से क्या बेनिफिट से होते हैं।

तो एमबी के स्पेशलाइज कोर्स होता है। और स्पेशलाइज्ड कोर्स में कैंडिडेट्स को ज्यादा सीखने का मौका मिलता है। और वह अपनी फील का एक्सपर्ट बनता है। ऐसे में एम डी मींस डॉक्टर ऑफरमेडिसिन को मिलने वाला feel भी काफी ज्यादा होता है। एमडी कोर्स करने के बाद डीएम और एमसीएच से जैसे कोशिश भी किए जा सकते हैं। तो चलिए अब बारी है जानने की और डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन के बाद एमडी बनने के बाद किस किस एरिया में जॉब की जा सकती है। हॉस्पिटल से और लैबोरेट्री और मेडिकल कॉलेजेस और हेल्थ सेंटर और नर्सिंग होम और पॉलीक्लिनिक और प्राइवेट प्रैक्टिस से और रिसर्च इंस्टीट्यूट और बायोमेडिकल कंपनीज और आगे आपको बताते हैं। की एमडी करने के बाद कौन-कौन सी जॉब ऑप्शन आपको मिलते हैं। anesthetist, Bacteriologist, Cardiology, Dermatologist, ENT Specialist ,Dermatologist ,General Surgeon ,Hospital administrator, Neurologist, Orthopedics ,Pathologist, Physician, Radiologist, तो इतनी जानकारी लेने के बाद भी कन्फ्यूजन दिमाग बना हुआ है।

एमएस और एमडी में क्या अंतर है

आइए इस कंफ्यूजन को दूर करते हैं। एमएस जनरल सर्जरी मास्टर डिग्री जबकि एमडी जनरल मेडिसिन मास्टर डिग्री इन दोनों ही पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज में से किसी एक में एडमिशन लेने के लिए एमबीबीएस कोर्स कंप्लीट होना जरूरी होता है। एमएस में केवल सर्जिकल स्टडी शामिल होती है।जबकि मंडी में Non-surgical स्टडी शामिल भी होती है।यानी जनरल फिजीशियन बनने के लिएकैंडिडेट का एमबीबीएस के बाद एमबीबीएस कोर्स करना होता है। जबकि हॉट सर्जन या न्यूरो सर्जन बनने के लिए एमएस कोर्स करना होता है

Salary : 

वैसे जहां तक सैलरी की बात है। तो एमडी यानी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की सैलरी उसके एक्सपीरियंस और स्कूल से जॉब सेक्टर पर डिपेंड करती है। फिर भी अंदाजे से यह बताया जा सकता है। पीएमटी की कितनी सैलरी 6 से 10 लाख पर earn हो सकती है अब आप एमडी कोर्स से जुड़ी सभी जानकारी ले चुके हैं। हमें यह पूरी उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी और आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होगी।

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